Maa Katyayani Chalisa Lyrics in Hindi & Free PDF Download: श्री कात्यायनी चालीसा पाठ व लाभ
माँ कात्यायनी चालीसा का पाठ करने से शीघ्र विवाह योग और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यहाँ श्री कात्यायनी चालीसा के संपूर्ण हिंदी लिरिक्स पढ़ें और ऑफलाइन पाठ के लिए Free PDF Download करें।

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🌺 श्री कात्यायनी चालीसा | Maa Katyayani Chalisa Lyrics in Hindi & Benefits
सूर्यनगरी जोधपुर स्थित माँ कात्यायनी दुर्गा शक्तिपीठ की कृपा से माँ नवदुर्गा के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की आराधना अति फलदायी मानी जाती है। नवरात्रि के छठे दिन एवं प्रत्येक मास के शुभ अवसरों पर श्री कात्यायनी चालीसा का पाठ करने से साधक को मनोवांछित फल, शीघ्र विवाह और ग्रह बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
🌸 श्री कात्यायनी चालीसा पाठ करने के अलौकिक लाभ
💖 शीघ्र विवाह योग: जिन जातकों के विवाह में विलंब या अड़चनें आ रही हों, उन्हें नियमपूर्वक माँ कात्यायनी चालीसा का पाठ करना चाहिए। इससे योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
🛡️ भय व शत्रु बाधा नाश: माँ कात्यायनी का ध्यान करने से गुप्त शत्रुओं, कोर्ट-कचहरी और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
🌿 आरोग्य व समृद्धि: घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और असाध्य रोगों से राहत मिलती है।
🪔 श्री कात्यायनी चालीसा (Shri Katyayani Chalisa Hindi Lyrics)
दोहा
जय जय जय जगदम्ब भवानी। कात्यायनी जय जग सुखदानी॥ चन्द्रहास उज्ज्वल करा। सब बाधा हरणि मात वरा॥
चौपाई
जय जय कात्यायनी महारानी। सबकी सिद्ध करहु कल्याणी॥ नवदुर्गा में छठा स्वरूपा। अनुपम रूप परम अनूपा॥
स्वर्ण वर्ण दिव्य छवि सोहै। सुर नर मुनि सब मन को मोहै॥ चार भुजा धारी महारानी। जगदम्बा तुम हो कल्याणी॥
एक हाथ में खड्ग विराजे। दूजे पद्म हस्त में साजे॥ तीजे अभय वरद हस्त में। चौथे वर मुद्रा की रीत में॥
सिंह सवारी अति मन भावै। देखि छटा सब शीश नवावै॥ ऋषि कात्यायन की तुम कन्या। नाम पड़ा कात्यायनी धन्या॥
महिषासुर मारिन महारानी। देवन की तुम बनी भवानी॥ जब-जब भीड़ पड़ी देवन पर। प्रगटी तुम ही अभय दान कर॥
कात्यायनी माँ तुम सुखदाता। सब भक्तन की तुम हो माता॥ जो जन तुमको ध्यान लगावै। सो जन जीवन में सुख पावै॥
विवाह बाधा जो जन धरते। माँ कात्यायनी की पूजा करते॥ उनको सुयोग्य वर की प्राप्ति। जीवन में हो सुख-शांति॥
राहु-केतु और शनि के दोषा। कट जाते जब माँ का भरोसा॥ भक्त जनों के कष्ट निवारो। दया दृष्टि हम पर भी धारो॥
दोहा
कात्यायनी माँ चरण में, जो भी शीश नवाए। ताके सब संकट मिटे, भक्ति मुक्ति फल पाए॥
🌼 श्री कात्यायनी चालीसा पाठ करने की सरल विधि
🌸 १. प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 🌸 २. पूजा स्थान पर माँ कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उनके समक्ष दीपक व धूप प्रज्वलित करें। 🌸 ३. माँ को पीले पुष्प, शहद और नैवेद्य अर्पित करें, क्योंकि माँ कात्यायनी को शहद अति प्रिय है। 🌸 ४. श्रद्धा-भक्ति के साथ श्री कात्यायनी चालीसा का पाठ करें और अंत में आरती करें।
🌺 जय माँ कात्यायनी! जय माता दी! 🌺
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